राैतहट , भादो ८ । रौतहटके किसानसबके रासायनीक मल सहज रुपमे नमिल्ल बतएले हए । नियमकारी निकायके लापरवाहीके कारणसे जिल्लाके किसान सब मल किनेमे ठगाएसे बाध्य बन रहल हए । नियमकरी निकायके अनुगमनके अभाव आ स्थानीय निकायके ध्यान नगेलासा जिल्लाके किसानसब मलखाद किनला पर ठगाएसे बाध्य भेल हए । कहु मल न मिल्ल रहल हए त कहु मिल्ल भि रहल हए त जादा दाम होलासे किसानसब किने नसकइत हए । रौतहट जिल्लाके १६ गो नगरपालिका आ दुई गो गाँउपालिका करे १८ गो स्थानीयतहमे अनुदानके मलखादमे कालोबजारी होरहल किसानसके आरहण रहल हए । सस्ता आ सुल्भ तरिकासे मिलो कहइत उद्देस्यके साथ सरकार साल्ट टे«डिङ आ कृषी सामग्री संस्थान चन्द्रनिगाहपुरके बाटेके जिम्मा देलाके ववाजुद भि युरिया, कम्पलेक्स , पोटास, लगायतके अनुदाके मल जिल्लाके विभिन्न सहकारी तथा दोकान वालासब सरकारी दरमे किनके आ उहे मल खाद बजारमे लयाके जादा दाममे बेचलाके कारणसे किसानसब मर्कामे परइत आरहल हए । साल्ट टे«डिङ वरिगञ्जके प्रमुख आमोद लामिछानेके अनुसार अनुदानमे आएल एक बोरा युरिया खादके सातसय ४० , डिएपीके एक बोराके २१ सय ९० , पोटासके एक बोराके १५ सय ९० आ कृषिचुनके एक बोराके तीनसय ७० रुपैया पर रहल हए । सहकारी चाही व्यपारी सरकारी अनुदानके मल किनके लेअएला पर पाँच प्रतिश्त नाफा लेके बेचेके व्यवस्था रहल प्रमुख लामिछाने जानकारी देले छत । लेकिन स्थानीय व्यापारीसब तोकल गेल मुल्यसे जादा एक बोरा युरिया आ डिएपीमे दुइ सयसे लेके तिनसय जादा लेके बेच रहल चन्द्रपुर नगरपालिका ७ के बिनोद अधिकारी गुनासे कएले छत । सरकारी अनुदानमे यसरिया खमदके सात सय ४० परेवालाके बजारमे एकहजार ५० से लेके २१ सय ९० परइत हए त डिएपीके २५ सयसे लेके २५ सय ५० तकले बजारमे बेचारहल हुन बतएले छत । एने प्रमुख लामिछाने कहलन जादा दरमे मलखाद बेचारहलासे किसान उपर स्थानीयस्तरसे निगरानी करेला बतएले छत । हर साल किसान अइसनके दुख आ ठगारहल हए अभि तक नयामनकारी निकायके उ तर्फ ध्यान नगेलासे किसानसब पीडित होइत आरहल हए ।

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