भाषा/संस्कृति




  • मुनामदन बज्जिकामे, भाषा विकासके लेल दर्जनों लोगद्वारा जनाबलगेल प्रतिबद्धता



    रौतहट कातिक २९ ।
    नेपाल बज्जिका भाषा शिक्षक प्रतिष्ठान आ बज्जिका साहित्य संगम रौतहटके आयोजनामे बज्जिका भाषाके विकासके लेल आयोजित एगो विशेष कार्यक्रममे सहभागीलोग बज्जिका भाषाके विकासके लेल अपनातरफसे प्रतिबद्धता व्यक्त कएले छत ।

    कार्यक्रमके सम्बोधन करइत शिक्षा मन्त्रालयके पूर्व प्रवक्ता तथा बज्जिका शुभचिन्तक रामप्रवेश यादव मधेश आन्दोलन चलरहल अवस्थामे अपना मातृभाषापरके चेतना भी महत्वपूर्ण बात होएके बतएले छत । रौतहट उद्योग वाणिज्य संघके अध्यक्ष कन्थमुनि प्रसाद जयसवाल बज्जिका भाषाके विकासमे अपने योगदान देबेके चाहना रखले कहइत मधेश आन्दोलनके एगो अंगके रुपमे बज्जिका आन्दोलन रहल बतएलन । नेपाल सुनचाँदी व्यवसायी महासंघके केन्द्रीय सदस्य रामजी प्रसाद साह बज्जिका भाषा हमनीके अपन भाषा होएलासे अपना तरफसे होसकेबाला सभी किसिमके सहयोग देबेला तैयार रहल कहइत बज्जिका भाषामे ही एगो दैनिक पत्रिका चलाबेके सुझाव देले छत । नेपाल शिक्षक युनियन रौतहटके पूर्वअध्यक्ष एवं बज्जिका भाषा प्रचारप्रसार टोली रौतहटके संयोजक योगेन्द्र प्रसाद यादव बज्जिकामे अपना दिलसे लागेके बतबइत अपना मातृभाषाके सेवामे जुटनाइ सभीके कर्तव्य रहल स्पष्ट कएले छत । रौतहट उद्योग वाणिज्य संघके महासचिव वृजकिशोर यादव नून–रोटी खाके भी मधेश आन्दोलनके सफलताके ओर अगाडि बढाबेला हमनी तयार छी कहइत बज्जिका भाषाके विकासमे अपनासे होएबाला योगदान देबेके लेल तैयार रहल स्पष्ट कएले छत । उँख उत्पादक संघ रौतहटके अध्यक्ष अशोक प्रसाद यादव बज्जिका भाषाके विकासमे अपने सहायक बने पएलापर खुसी व्यक्त कएले छत । रौतहट उद्योग वाणिज्य संघ गरुडा उपशाखाके अध्यक्ष राम भरोस यादव बज्जिका भाषाके विकास होरहलासे खुसी लागल बतबइत मातृभाषाके सेवामे अपनासे सहयोग करेके अभिव्यक्ति देले छत । नेपाली फिलिमके लोकप्रिय गायक रन्जीत सहनी नेपाली, भोजपुरी, मैथिलीलगायतके भाषामे गीत गाचुकल मगर कुछे महिनाके भित्तर बज्जिका भाषामे टाइटल गीत गाबेके प्रतिबद्धता व्यक्त कएले छत । लोकसेवा आयोगके नायब सुब्बा वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता बज्जिका भाषाके विकासमे अपने योगदान देरहल आ थप योगदानके लेल उत्सुक रहल बतएले छत । बज्जिका गायक, लेखक तथा कलाकार विजय यादव निर्बिज बज्जिकाके विकासके लेल आउरो संगठित होके सामूहिक प्रयास करनाइ जरुरी रहल बतएलन । बज्जिका भाषामे पहिल बेभसाइटके संचालक तथा सम्पादक दिनेश यादव संगम बज्जिका भाषाके ई–लाइब्रेरी चलाबेके अपन चाहनामे सहयोग करेके लेल सभीके सहयोग करेके लेल आग्रह कएले छत । बज्जिका पत्रकार भेला आयोजक समितिके संयोजक जय प्रकाश यादव बज्जिका भाषामे टेलिसिरियल बनाबेके प्रतिबद्धता व्यक्त कएले छत । जनसेवा नेपाल माधोपुरके भाग्यनारायण महतो बज्जिका भाषा आ विकासके लेल अपने योगदान देते आरहल आ आगामी दिनमे ठोस कार्य करेके प्रतिबद्धता व्यक्त कएले छत । इन्टरनेशनल बाल एकेडेमी गौरके प्रिन्सिपल सन्तोष पौडेल बज्जिका भाषामे योगदान देके बज्जिका मुनामदन निकालेके मौका मिललासे अपनाके बहुत खुसी लागल बतएलन । कार्यक्रममे श्याम नारायण साह, समतोलिया मुखिया मेनका साह, लगायतके लेखक तथा कवि लोग मन्तव्य व्यक्त करइत बज्जिका विकासमे हर किसिमके लगनाइ जरुरी रहल बतएलन । आजुसे बज्जिका साहित्यके लेल हर महिनाके अन्तिम सनिचरके दिन साहित्यिक कार्यक्रम होएके ऐतिहासिक कार्यके उदघाटन व्यावसायी रामजी प्रसाद साह आ बज्जिका साहित्य संगमके बैनरके लोकार्पण व्यावसायी कन्थमुनि प्रसाद जयसवाल कएले रहलन । बारा, रौतहट आ सर्लाही समेतके बज्जिकासेवीके सहभागिता रहल कार्यक्रमके अध्यक्षता नेपाल बज्जिका भाषा शिक्षक प्रतिष्ठानके अध्यक्ष सफिन्द्र प्रसाद यादव आ उपस्थित सभीके स्वागत बज्जिका साहित्य संगमके संयोजक श्याम सहनी चन्द्रांशु कएले रहलन । कार्यक्रममे चन्द्रांशद्वारा लिखलगेल बज्जिका भाषाके पहिल नाटक अपन होएल बिरान, संजय मित्रद्वारा अनुवाद कएलगेल मुनामदन खन्डकाव्य आ बज्जिकार्पण साहित्यिक पत्रिकाके पन्द्रहवाँ अंकके लोकार्पण भी कएल गेल हए । 






  • श्रद्धापूर्वक मनाबल जारहल हए जितिया पबनी - 2016-09-23

    सम्पूर्ण मधेसी समुदायके महिला जितिया पबनी श्रद्धापूर्वक मानरहल हए । काल्हु नहाके खएले महिला सब सन्तानके सुख तथा लम्बा आयुके कामनासहित कठित पबनी कररहल हए । घिउँराके पत्तापर तेल आ खरी चढाके काल्हु लोकदेवता जितबाहनके आह्वान कएले सन्तानवती व्रतालु महिला एहबेर भोरमे दहीचिउरा चढएले हए ।


    बज्जिका कलाके संरक्षण आ विकासके लेल गौरमे सम्पन्न भेल हए वृहत छलफल - 2016-06-05

    बज्जिका कलाके संरक्षण, संवद्र्धन आ विकास होनाइ जरुरी रहल महसुस कएलगेल हए । बज्जिका साहित्यकार, पत्रकार, बुद्धिजीवी, प्रचारक तथा शुभचिन्तक लोग एगो कार्यक्रमके बीच बज्जिकाभाषी क्षेत्रमे रहल हिन्दु तथा मुस्लिमके संस्कृति, साँस्कृतिक सम्पदा आ जनचेतनाके भी कलाचित्रकलाके


    बज्जिकांचलमे परम्परागत किसिमसे मनाबलगेल हए सतुवान पबनी - 2016-04-14

    बज्जिकांचल समाजमे नयाँ वर्ष सतुवान कके मनाबेके परम्परा रहल हए । ग्रामीण समाजके साथे सहरिया जीवनमे भी बुजुर्ग लोग नयाँ वर्षके सुरुआत सतुवाके साथे कएले छत । बैसाख १ गते सतुवानके रुपमे मनाबेके परम्परा बज्जिकांचल समाजमे चलते आरहल हए ।


    बज्जिाका भाषीसव विश्व मातृ भाषा दिवस विभिन्न कार्यक्रम कके मनएलक - 2016-02-21

    विभिन्न कार्यक्रम करके बज्जिका भाषामे विश्व मातृ भाषा दिवस मनावल गेल हए । ग्रामिण शिक्षा विकास नेपालके आयोजनामे आजु रौतहट जिल्लाके सदरमुकाम गौरमे विभीन्न कार्यक्रमसव करके बज्जिका भाषा विकास समारोह २०७२ भव्यताके


    विश्व मातृभाषा दिवसमे बज्जिका भाषामे विद्यालयस्तरीय वक्तृत्वकला भेल हए सम्पन्न - 2016-02-19

    एगो कार्यक्रम करके मातृ भाषा दिवस मनावल गेल हए । विश्व मातृभाषा दिवसके अवसरपर जिलाके सदरमुकाम गौरमे विद्यालयस्तरीय वक्तृत्वकला प्रतियोगिता सम्पन्न भेल हए । ग्रामीण शिक्षा विकास नेपाल रौतहटके आयोजना तथा जिला विकास समिति


    बज्जिका साहित्यकारके बज्जिकांचलसे निरन्तर होरहल हए पलायन - 2016-01-07

    बज्जिका भाषा आ साहित्यके क्षेत्रमे सक्रिय लोगके बज्जिकांचल क्षेत्रसे निरन्तर पलायन होरहल हए । बज्जिका शुभचिन्तक, साहित्यकार तथा भाषासेवी एवं भाषाप्रेमीके दोसरा जिला पलायनके बेमारीसे बज्जिका भाषा आ साहित्य पीडित बनते गेल हए । समनपुष्प साहित्यिक त्रैमासिकके सम्पादन कके बज्जिका भाषाके साहित्य आ लोकसाहित्यके विशेष योगदान देले रमेशमोहन अधिकारी रौतहटसे मकवानपुर पलायन होएल रहलन । साथे सूर्योदय साहित्यिक पत्रिकाके सम्पादकके रुपमे भी अधिकारी बज्जिकाके प्रोत्साहनके लेल भरमग्दुर प्रयास कएले रहलन । साहित्यकार शीतल गिरी भी आधा दशक पहिले रौतहटसे काठमान्डुमे चलगेल छत । रौतहटरश्मि साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिकामे बज्जिकाके विशेष महत्व आ स्थान देबेबाला


    बज्जिका साहित्य गोष्ठी गरुडामे भेल हए सम्पन्न - 2015-12-26

    बज्जिका साहित्य संगम रौतहटद्वारा गरुडामे साहित्य गोष्ठी सम्पन्न भेल हए । गरुडा नगरपालिका वार्ड नम्बर २ मित्रनगरमे बज्जिका भाषा विकास परिषदके केन्द्रीय उपाध्यक्ष लालबाबु साहके प्रमुख आतिथ्यमे शुक्रबार सम्पन्न कार्यक्रममे करिब


    बज्जिका भाषा आ साहित्यके उन्नायक समर्थन कएले छत गृह जिला प्रस्थान - 2015-12-17

    बज्जिका भाषा आ साहित्यके क्षेत्रमे अमूल्य योगदान देबेबाला शिक्षक रमेशहरि शर्मा ढकाल अपना जिला लौटल छत । तीस वर्ष तीन महिना रौतहटके विभिन्न सरकारी विद्यालयमे शिक्षण सेवासे जुटल ढकाल रमेश समर्थन नाओसे साहित्य सिर्जना


    मुनामदन बज्जिकामे, भाषा विकासके लेल दर्जनों लोगद्वारा जनाबलगेल प्रतिबद्धता - 2015-11-15

    नेपाल बज्जिका भाषा शिक्षक प्रतिष्ठान आ बज्जिका साहित्य संगम रौतहटके आयोजनामे बज्जिका भाषाके विकासके लेल आयोजित एगो विशेष कार्यक्रममे सहभागीलोग बज्जिका भाषाके विकासके लेल अपनातरफसे प्रतिबद्धता व्यक्त कएले छत ।


    बज्जिका भाषा विकास हेतु साहित्य गोष्ठी तथा शभकामना कार्यक्रम - 2015-10-19

    बज्जिका साहित्य गोष्ठी तथा शभकामना आदानप्रदान कार्यक्रम सम्पन्न भेल हए । रौतहटके गरुडा नगरपालिका अन्तर्गत मलाहीमे साहित्यकार सञ्जय मित्रके अध्यक्षतामे बज्जिका साहित्य गोष्ठी तथा शुभकामना आदानप्रदान कार्यक्रम सम्पन्न भेल हए ।


    बज्जिका साहित्य संगम रौतहट भेल गठन - 2015-10-19

    बज्जिका भाषाके साहित्यके विकास तथा विस्तारके लेल रौतहटमे एगो संस्थाके गठन कएलगेल हए । बज्जिका साहित्यकार संजय मित्रके अध्यक्षतामे गरुडा नगरपालिकास्थित मलाहीमे बज्जिका भाषाके साहित्यकारलोगके भेलासे बज्जिका साहित्य संगम रौतहटके गठन कएलगेल हए ।


    सन्तानके लेल :- जितिया पबनी - 2015-10-05

    नेपालके सांस्कृतिक क्षेत्रमे भी धनिक मानेजाएके अपने कारण हई । सांस्कृतिक विविधता एक्कर लमहर सम्पत्ति हई । हर जात समुदाय आ सम्प्रदायके अपन अनेक किसिमके पबनी तेहार रहल हए । मधेसके साझा संस्कृतिमे भी अइसन बहुत पबनीतेहार हए जे वास्तवमे ओतना प्रसारप्रसार नहोएलापर भी बहुत महत्त्वपूर्ण मानलजाइअ ।


    धीरेधीरे लोप होइत जरजटिन - 2015-09-29

    भादो इँजोरियामे बेटीबहिनके द्वारा खेले जाएबाला गीति लोक नाटक जरजटिन अब धीरेधीरे लोप होएल जारहल हए । भादो महिनाके इँजोरियामे अविवाहित चाहे विवाहित बेटीबहिनके साथे महिलाद्वारा गीत गबइत दू समूहमे जाटा आ जटिनके पक्षके होखे खेले जाएबाला जरजटिन मधेसके संस्कृतिके एगो महत्त्वपूर्ण अंग रहल मानलजाइअ ।


    जरजटिन ः एगो महत्वपूर्ण संस्कृति - 2015-09-29




    बज्जिकावाणी बेवसाइटके संचालनमे अएलापर बज्जिकासेवीद्वारा शुभकामना व्यक्त - 2015-09-27

    बज्जिका भाषाके पहिल बेबसाइट संचालनमे अएलापर बज्जिकासेवी आ बज्जिका भाषाके शुभचिन्तकलोगद्वारा शुभकामना व्यक्त कएलगेल हए । बज्जिका भाषामे रामायणके लेखक एवं बज्जिकाके भीष्म पितामह डा. अवधेश्वर अरुण खुसी व्यक्त करइत बज्जिका भाषा संचारके नयां युगमे प्रवेश कएले बतएले छत ।


    बज्जिका गीता भेल प्रकाशित - 2015-09-27

    नेपालीय बज्जिका भाषाके एगो महत्वाकांक्षी ग्रन्थ बज्जिका गीता प्रकाशित भेल हए । रौतहट चन्द्रपुरके हरिकृष्ण काफ्लेद्वारा रचित बज्जिका गीता चौरासी पृष्ठके रहल हए । करिब चार बरिस पहिले रचना भेल कृतिके ग्रामीण शिक्षा विकास नेपाल जेठरहिया प्रकाशन कएले हए ।


    बज्जिकामे पिएचडि करेबालाके संख्या बढल - 2015-09-27

    भारत आ नेपालके विभिन्न जिलामे लोकभाषाके रुपमे हजारो बरिससे अस्तित्वमे रहल बज्जिका भाषामे पिएचडि करेबालाके संख्या दिनपर दिन बढते जारहल हए । सन् १९७०के आसपासमे बिहारके गोपालगंज जिलाके गोपेश्वर कलेज हथुआके प्रोफेसर डा. श्रीरंग शाही बज्जिका भाषापर पहिलबेर पिएचडि


    बज्जिकामे पिएचडि करेबालाके संख्या बढल - 2015-09-27

    भारत आ नेपालके विभिन्न जिलामे लोकभाषाके रुपमे हजारो बरिससे अस्तित्वमे रहल बज्जिका भाषामे पिएचडि करेबालाके संख्या दिनपर दिन बढते जारहल हए । सन् १९७०के आसपासमे बिहारके गोपालगंज जिलाके गोपेश्वर कलेज हथुआके प्रोफेसर डा. श्रीरंग शाही बज्जिका भाषापर पहिलबेर पिएचडि


    त्याग और समर्पणके त्योहार ईद—उल—अजहा मानवल जारहल - 2015-09-25

    ईद—उल—अजहा या ईदे—अजहा मुस्लिम भाइयोके एगो महत्वपूर्ण त्योहार हए । ईद तीन तरहके होईअ । ईद—अजहाके अलावा दुगो और ईद हए— ईदुलफित्र या रमजान ईद और दोसर ईदके मिलादुन्नबी कहइअ । पर ईदुल फित्र होए, ईद अजहा या ईद मिलाद, तीनु ईद भाइचारा, त्याग, समर्पण और इंसानियतके पैगाम देईआ ।


    समाप्त होएके अवस्थामे, धार्मिक एवम् पर्यटकीय पहिचान - 2015-08-14

    जिल्लाके सदरमुकाम गौर स्थित बरहवा ताल क्षेत्र, सिवनगर शिव मन्दीर, राजदेवमे रहल राजदेवीमन्दीर, महादेपटी शिव मन्दीर, बागमति नदी किनारमे रहल

बज्जिका वाणी

2072-08-08
2070-01-22 .pdf

बिकाश चौतारी

BC 2073-05-06
BC 2073-05-06
BC 2073-04-31
2072-08-28

जिल्ला प्रहरी का. - ५२००९९
जिल्ला प्रहरी का. - ५२०१७७
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