श्रद्धापूर्वक मनाबल जारहल हए जितिया पबनी
भाषा/संस्कृति


श्रद्धापूर्वक मनाबल जारहल हए जितिया पबनी

भाषा/संस्कृति 6 पटक पढिएको बज्जिका संवादाता २०७४ श्रावन ०२ सोमबार




सम्पूर्ण मधेसी समुदायके महिला जितिया पबनी श्रद्धापूर्वक मानरहल हए । काल्हु नहाके खएले महिला सब सन्तानके सुख तथा लम्बा आयुके कामनासहित कठित पबनी कररहल हए ।
घिउँराके पत्तापर तेल आ खरी चढाके काल्हु लोकदेवता जितबाहनके आह्वान कएले सन्तानवती व्रतालु महिला एहबेर भोरमे दहीचिउरा चढएले हए ।भगवान जितबाहनके घिउराके पत्तापर दही चिउरा चढाके अपने भी प्रसाद ग्रहण कएले व्रतालु महिलाके आज दिनभर सम्पूर्णतः निराहार रहेके चलन हए । अइसही आजके दिन कुछो न काटेके आ कुछे तुरेतकके छुट नरहल हए । अपनासे कुछो टुटबो नकरो कहके सम्पूर्ण व्रतालु महिला सतर्क रहले । अत्यन्त कठिन पबनीके रुपमे रहल जितिया हमनीके संस्कृतिके बहुत महत्वपूर्ण पबनीके रुपमे रहल हए ।



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