विचार/विश्लेषण




  • बज्जिका भाषाके राष्ट्रिय विस्तार



    सञ्जय साह �मित्र�
    नेपालके प्रमुख भाषाके रूपमे बज्जिका स्थापित भेल हए । नेपालके प्रमुख दश भाषामे बज्जिकाके भी स्थान मिलल हए ।

     वि. सं. २०६८मे भेल राष्ट्रिय जनगणनासे देशमे मातृभाषाके रूपमे एक सय तेइस भाषा आएल हए । देशके प्रमुख भाषाके रूपमे नेपाली भाषा (१,१८,२६,९५३)के स्थान रहल हए त सबसे कम बोलेबाला भाषामे अरबी (८) रहल देखल गेल हए । अरबी भाषा बोलेबाला सहरी क्षेत्रमे ६ आ ग्रामीण क्षेत्रमे २ जने रहल हए । नेपालके प्रमुख भाषामे नेपालीके बाद मैथली, भोजपुरी, थारु, तामाङ, नेवार, बज्जिका, मगर, उर्दू आ अवधि रहल हए । २०५८ के जनगणनामे ९२ भाषा अस्तित्वमे देखल गेल रहे जेमे बज्जिकाके स्थान १२मा रहे । गणतान्त्रिक नेपालके पहिल जनगणना २०६८के अन्तिम परिणामसे देशमे १२३ मातृभाषाके अस्तित्व सामने आएल हए जेमे बज्जिका बोलेबाला आदमी अर्थात जनसंख्याके आधारपर देखलापर देशके सातमा लमहर भाषाके रूपमे देखाइ परल  हए । २०५८के जनगणनामे पहिलबेर स्थान मिलल बज्जिकाभाषी १,२४,०८८ पुरुष आ १,१३,८५९ महिला मिलाके कुल २,३७,९४७ जनसंख्या तथ्यांकमे आएल रहे जे देशके सम्पूर्ण जनसंख्यामे १.०५% होइत रहे । २०५८के जनगणनामे बज्जिकाके स्थान मिललासे बज्जिकाभाषी खुशी प्रकट कएले रहे माकिर बज्जिकाभाषीके सही तथ्यांक नआबे सकलासे असन्तुष्टि भी ओतने रहे । इँहा बज्जिकाके नयाँ तथ्यांक जे २०६८के जनगणनासे आएल हए, ओहीके विषयमे सामान्य चर्चा करेके प्रयास कएल जारहल हए ।

    गणतान्त्रिक नेपालके पहिल जनगणनासे बज्जिकाके चर्चा राष्ट्रव्यापी भेल हए । देशके लमहर भाषामे स्थान अएलासे बज्जिकाके चर्चा देशभर होनाइ स्वाभाविक भी हई । राष्ट्रिय जनगणना २०६८से बज्जिकाभाषीके संख्या ४,०९,७५० पुरुष आ ३,८३,६६६ महिला मिलाके जम्मा ७,९३,४१६ नेपालमे देखलगेल हए । एमेसे सहरमे ३४,००८ (१८,०७२ पुरुष आ १५,९३६ महिला) आ गाँओमे ७,५९,४०८ (३,९१,६७८ पुरुष आ ३,६७,७३० महिला) बज्जिकाभाषीके बसोबास रहल हए । नेपालके परम्परागत धरातलीय स्वरूपके आधारपर बज्जिकाभाषीके जनसंख्याके देखलापर हिमालमे २ महिला आ ७ पुरुष मिलाके ९ जने, पहाडमे ७५१ महिला आ ९१९ पुरुष मिलाके १,६७० देखल गेल हए । एहीलेखा तराईमे ३,८२,९१३ महिला आ ४,०८,८२४ पुरुष मिलाके ७,९१,७३७ बज्जिका मातृभाषी रहल हए । विकास क्षेत्रके आधारपर देखल गेलापर पूर्वाञ्चलमे १३७ बज्जिकाभाषी हए जेमे ७३पुरुष आ ६४ महिला हए । मध्यमाञ्चल विकास क्षेत्रमे बज्जिकाभाषी सबसे अधिक रहल हए । ए विकास क्षेत्रमे ४,०९,०६३ पुरुष आ ३,८२,९२४ महिलासहित कुल जम्मा ७,९१,९८७ बज्जिकाभाषी बसोबास करइअ । पश्चिमाञ्चल विकास क्षेत्रमे १,२७५ बज्जिकाभाषी रहल हए जेमे ६०४ पुरुष आ ६७१ महिला रहल हए । मध्यपश्चिाञ्चल विकास क्षेत्रमे जम्माजम्मी ४गो बज्जिकाभाषी रहल हए जेमे चारोजने पुरुष ही हए । सुदूर पश्चिमाञ्चल विकास क्षेत्रमे १३जने बज्जिकाभाषी तथ्यांकमे आएल हए जेमेसे ६जने पुरुष आ ७जने महिला रहल हए । सामान्यतया सभी क्षेत्रमे महिलाके संख्या कम हए माकिर पश्चिमाञ्चल आ सुदूर पश्चिमाञ्चलमे पुरुषके तुलनामे महिलाके संख्या अधिक हए जबकि मध्यपश्चिमाञ्चलमे बज्जिकाभाषी महिला एकजने भी नरहल राष्ट्रिय जनगणना २०६८से देखाइ देले हए ।
    बज्जिकाभाषीके प्राकृतिक विभाजन आ विकास क्षेत्र दुनुके हिसाबसे भी देखल जासकइत हए । पूर्वाञ्चल विकास क्षेत्रके हिमालमे ३, पहाडमे ३ आ तराईमे १३१ बज्जिकाभाषी रहल हए । अइसही मध्यमाञ्चल विकास क्षेत्रके हिमालमे ४, पहाडमे ३८७ आ तराईमे ७,९१,५९६ जनसंख्या बज्जिकाभाषीके रहल हए । पश्चिमाञ्चलके हिमाली आ तराई विकास क्षेत्रमे बज्जिकाभाषीके तथ्यांक नआएल हए माकिर पहाडमे १,२७५के संख्यामे बज्जिकाभाषी रहल तथ्यांक बोलरहल हए । अइसही मध्यपश्चिमाञ्चल विकास क्षेत्रके हिमालमे बज्जिकाभाषी नरहल हए माकिर पहाडमे ३ आ तराईमे १ बज्जिकाभाषी रहल देखाइ देले हए । सुदूर पश्चिमाञ्चलके हिमालमे २, पहाडमे २ आ तराईमे ९ बज्जिकाभाषी रहल तथ्यांक बतारहल हए । एसे इहे साबित होइत हए कि बज्जिकाभाषीके विस्तार देशभरमे हए, देशभरमे रहल धीरेधीरे तथ्यांकमे आरहल हए ।
    बज्जिकाके विस्तार देशभर हए, ए बातमे कोनोके संखा नहोएके चाहिँ । तथ्यांक इहे बोलरहल हई । बज्जिकाके संख्या प्रतिशत तथ्यांकमे बढल सकारात्मक बात हई मगर बज्जिकाभाषी १५से लेके २५लाखके भित्तर होएके अनुमान हई । देशके राजधानी काडमान्डुमे ही पचास हजारसे लेके एक लाखके बीचमे बज्जिकाभाषी रहल हए । बज्जिकाभाषी अज्ञानता, राजनीतिक दबाब, हीनताबोध जइसन कारणसे दोसरा भाषाके अपना मातृभाषामे गणना करएले हए । धीरेधीरे बज्जिका चेतनाके विस्तार होरहल हए माकिर एतनेसे सन्तुष्ट होएके अवस्था नहए । बज्जिकाभाषाके क्षेत्रमे काम कररहल लोग भी चुपचाप बइठेके अवस्था नहए । अभी भी दोसर भाषाके लोग बज्जिकाके अपना भाषाके रूपमे गणना कराबेके लेल जालझेल कररहल हए । एसे सचेत होनाइ ओतने जरुरी हए । बारासे लेके धनुषातक आ काठमान्डु, हेठौडा, वीरगंज, पोखरा, पाल्पा, विराटनगर, धरानजइसन सहरमे जतेक बज्जिका मातृभाषी स्थायीरूपसे बसोबास करइछथिन्, सभीमे बज्जिका चेतना अएलापर बज्जिकाभाषा देशके सबसे दुसरका लमहर मातृभाषाके रूपमे स्थापित होएके विश्वास ए क्षेत्रमे लागल लोगके रहल हए ।


बज्जिका वाणी

2072-08-08
2070-01-22 .pdf

बिकाश चौतारी

BC 2073-05-06
BC 2073-05-06
BC 2073-04-31
2072-08-28

जिल्ला प्रहरी का. - ५२००९९
जिल्ला प्रहरी का. - ५२०१७७
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