भाषा/संस्कृति




  • बज्जिका गीता भेल प्रकाशित



    नेपालीय बज्जिका भाषाके एगो महत्वाकांक्षी ग्रन्थ बज्जिका गीता प्रकाशित भेल हए । रौतहट चन्द्रपुरके हरिकृष्ण काफ्लेद्वारा रचित बज्जिका गीता चौरासी पृष्ठके रहल हए । करिब चार बरिस पहिले रचना भेल कृतिके ग्रामीण शिक्षा विकास नेपाल जेठरहिया प्रकाशन कएले हए ।

     संस्थाके अध्यक्ष जयप्रकाश यादवके विशेष सक्रियतासे जिला विकास समिति रौतहटके लगानीमे प्रकाशित बज्जिका गीताके सम्पादन सञ्जय साह मित्र कएले छत । डा. कमलेश्वर कुमार सिन्हा, चन्द्रकिशोर लगायतके बज्जिकासेवीके मन्तव्यसहित प्रकाशन भेल बज्जिका गीता उत्कृष्ट कृति रहल हए । भगवान श्रीकृष्णके उपदेशके बहुत सरल भाषा आ लयात्मक शैलीमे गायन करसकेबाला किसिमसे प्रस्तुत कएलगेल हए । बज्जिका समाजके भी बिम्ब भी गीतामे अनभूत कएल जासकइअ । कृतिके प्रकाशनसे बज्जिका भाषाके साहित्यमे बहुत लमहर उपलब्धि प्राप्त भेल प्रतिक्रिया सब आरहल हए । कृतिके प्रकाशनसे बज्जिका भाषा आ साहित्यके सम्मान बढल साहित्यकार राम अधार पासवान बतएले छत । लोकार्पणसे पहिले ही चर्चामे रहल कृतिके विमोचनके तैयारी होरहल प्रकाशक संस्थाके अध्यक्ष यादव जानकारी करएले छत ।






  • श्रद्धापूर्वक मनाबल जारहल हए जितिया पबनी - 2016-09-23

    सम्पूर्ण मधेसी समुदायके महिला जितिया पबनी श्रद्धापूर्वक मानरहल हए । काल्हु नहाके खएले महिला सब सन्तानके सुख तथा लम्बा आयुके कामनासहित कठित पबनी कररहल हए । घिउँराके पत्तापर तेल आ खरी चढाके काल्हु लोकदेवता जितबाहनके आह्वान कएले सन्तानवती व्रतालु महिला एहबेर भोरमे दहीचिउरा चढएले हए ।


    बज्जिका कलाके संरक्षण आ विकासके लेल गौरमे सम्पन्न भेल हए वृहत छलफल - 2016-06-05

    बज्जिका कलाके संरक्षण, संवद्र्धन आ विकास होनाइ जरुरी रहल महसुस कएलगेल हए । बज्जिका साहित्यकार, पत्रकार, बुद्धिजीवी, प्रचारक तथा शुभचिन्तक लोग एगो कार्यक्रमके बीच बज्जिकाभाषी क्षेत्रमे रहल हिन्दु तथा मुस्लिमके संस्कृति, साँस्कृतिक सम्पदा आ जनचेतनाके भी कलाचित्रकलाके


    बज्जिकांचलमे परम्परागत किसिमसे मनाबलगेल हए सतुवान पबनी - 2016-04-14

    बज्जिकांचल समाजमे नयाँ वर्ष सतुवान कके मनाबेके परम्परा रहल हए । ग्रामीण समाजके साथे सहरिया जीवनमे भी बुजुर्ग लोग नयाँ वर्षके सुरुआत सतुवाके साथे कएले छत । बैसाख १ गते सतुवानके रुपमे मनाबेके परम्परा बज्जिकांचल समाजमे चलते आरहल हए ।


    बज्जिाका भाषीसव विश्व मातृ भाषा दिवस विभिन्न कार्यक्रम कके मनएलक - 2016-02-21

    विभिन्न कार्यक्रम करके बज्जिका भाषामे विश्व मातृ भाषा दिवस मनावल गेल हए । ग्रामिण शिक्षा विकास नेपालके आयोजनामे आजु रौतहट जिल्लाके सदरमुकाम गौरमे विभीन्न कार्यक्रमसव करके बज्जिका भाषा विकास समारोह २०७२ भव्यताके


    विश्व मातृभाषा दिवसमे बज्जिका भाषामे विद्यालयस्तरीय वक्तृत्वकला भेल हए सम्पन्न - 2016-02-19

    एगो कार्यक्रम करके मातृ भाषा दिवस मनावल गेल हए । विश्व मातृभाषा दिवसके अवसरपर जिलाके सदरमुकाम गौरमे विद्यालयस्तरीय वक्तृत्वकला प्रतियोगिता सम्पन्न भेल हए । ग्रामीण शिक्षा विकास नेपाल रौतहटके आयोजना तथा जिला विकास समिति


    बज्जिका साहित्यकारके बज्जिकांचलसे निरन्तर होरहल हए पलायन - 2016-01-07

    बज्जिका भाषा आ साहित्यके क्षेत्रमे सक्रिय लोगके बज्जिकांचल क्षेत्रसे निरन्तर पलायन होरहल हए । बज्जिका शुभचिन्तक, साहित्यकार तथा भाषासेवी एवं भाषाप्रेमीके दोसरा जिला पलायनके बेमारीसे बज्जिका भाषा आ साहित्य पीडित बनते गेल हए । समनपुष्प साहित्यिक त्रैमासिकके सम्पादन कके बज्जिका भाषाके साहित्य आ लोकसाहित्यके विशेष योगदान देले रमेशमोहन अधिकारी रौतहटसे मकवानपुर पलायन होएल रहलन । साथे सूर्योदय साहित्यिक पत्रिकाके सम्पादकके रुपमे भी अधिकारी बज्जिकाके प्रोत्साहनके लेल भरमग्दुर प्रयास कएले रहलन । साहित्यकार शीतल गिरी भी आधा दशक पहिले रौतहटसे काठमान्डुमे चलगेल छत । रौतहटरश्मि साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिकामे बज्जिकाके विशेष महत्व आ स्थान देबेबाला


    बज्जिका साहित्य गोष्ठी गरुडामे भेल हए सम्पन्न - 2015-12-26

    बज्जिका साहित्य संगम रौतहटद्वारा गरुडामे साहित्य गोष्ठी सम्पन्न भेल हए । गरुडा नगरपालिका वार्ड नम्बर २ मित्रनगरमे बज्जिका भाषा विकास परिषदके केन्द्रीय उपाध्यक्ष लालबाबु साहके प्रमुख आतिथ्यमे शुक्रबार सम्पन्न कार्यक्रममे करिब


    बज्जिका भाषा आ साहित्यके उन्नायक समर्थन कएले छत गृह जिला प्रस्थान - 2015-12-17

    बज्जिका भाषा आ साहित्यके क्षेत्रमे अमूल्य योगदान देबेबाला शिक्षक रमेशहरि शर्मा ढकाल अपना जिला लौटल छत । तीस वर्ष तीन महिना रौतहटके विभिन्न सरकारी विद्यालयमे शिक्षण सेवासे जुटल ढकाल रमेश समर्थन नाओसे साहित्य सिर्जना


    मुनामदन बज्जिकामे, भाषा विकासके लेल दर्जनों लोगद्वारा जनाबलगेल प्रतिबद्धता - 2015-11-15

    नेपाल बज्जिका भाषा शिक्षक प्रतिष्ठान आ बज्जिका साहित्य संगम रौतहटके आयोजनामे बज्जिका भाषाके विकासके लेल आयोजित एगो विशेष कार्यक्रममे सहभागीलोग बज्जिका भाषाके विकासके लेल अपनातरफसे प्रतिबद्धता व्यक्त कएले छत ।


    बज्जिका भाषा विकास हेतु साहित्य गोष्ठी तथा शभकामना कार्यक्रम - 2015-10-19

    बज्जिका साहित्य गोष्ठी तथा शभकामना आदानप्रदान कार्यक्रम सम्पन्न भेल हए । रौतहटके गरुडा नगरपालिका अन्तर्गत मलाहीमे साहित्यकार सञ्जय मित्रके अध्यक्षतामे बज्जिका साहित्य गोष्ठी तथा शुभकामना आदानप्रदान कार्यक्रम सम्पन्न भेल हए ।


    बज्जिका साहित्य संगम रौतहट भेल गठन - 2015-10-19

    बज्जिका भाषाके साहित्यके विकास तथा विस्तारके लेल रौतहटमे एगो संस्थाके गठन कएलगेल हए । बज्जिका साहित्यकार संजय मित्रके अध्यक्षतामे गरुडा नगरपालिकास्थित मलाहीमे बज्जिका भाषाके साहित्यकारलोगके भेलासे बज्जिका साहित्य संगम रौतहटके गठन कएलगेल हए ।


    सन्तानके लेल :- जितिया पबनी - 2015-10-05

    नेपालके सांस्कृतिक क्षेत्रमे भी धनिक मानेजाएके अपने कारण हई । सांस्कृतिक विविधता एक्कर लमहर सम्पत्ति हई । हर जात समुदाय आ सम्प्रदायके अपन अनेक किसिमके पबनी तेहार रहल हए । मधेसके साझा संस्कृतिमे भी अइसन बहुत पबनीतेहार हए जे वास्तवमे ओतना प्रसारप्रसार नहोएलापर भी बहुत महत्त्वपूर्ण मानलजाइअ ।


    धीरेधीरे लोप होइत जरजटिन - 2015-09-29

    भादो इँजोरियामे बेटीबहिनके द्वारा खेले जाएबाला गीति लोक नाटक जरजटिन अब धीरेधीरे लोप होएल जारहल हए । भादो महिनाके इँजोरियामे अविवाहित चाहे विवाहित बेटीबहिनके साथे महिलाद्वारा गीत गबइत दू समूहमे जाटा आ जटिनके पक्षके होखे खेले जाएबाला जरजटिन मधेसके संस्कृतिके एगो महत्त्वपूर्ण अंग रहल मानलजाइअ ।


    जरजटिन ः एगो महत्वपूर्ण संस्कृति - 2015-09-29




    बज्जिकावाणी बेवसाइटके संचालनमे अएलापर बज्जिकासेवीद्वारा शुभकामना व्यक्त - 2015-09-27

    बज्जिका भाषाके पहिल बेबसाइट संचालनमे अएलापर बज्जिकासेवी आ बज्जिका भाषाके शुभचिन्तकलोगद्वारा शुभकामना व्यक्त कएलगेल हए । बज्जिका भाषामे रामायणके लेखक एवं बज्जिकाके भीष्म पितामह डा. अवधेश्वर अरुण खुसी व्यक्त करइत बज्जिका भाषा संचारके नयां युगमे प्रवेश कएले बतएले छत ।


    बज्जिका गीता भेल प्रकाशित - 2015-09-27

    नेपालीय बज्जिका भाषाके एगो महत्वाकांक्षी ग्रन्थ बज्जिका गीता प्रकाशित भेल हए । रौतहट चन्द्रपुरके हरिकृष्ण काफ्लेद्वारा रचित बज्जिका गीता चौरासी पृष्ठके रहल हए । करिब चार बरिस पहिले रचना भेल कृतिके ग्रामीण शिक्षा विकास नेपाल जेठरहिया प्रकाशन कएले हए ।


    बज्जिकामे पिएचडि करेबालाके संख्या बढल - 2015-09-27

    भारत आ नेपालके विभिन्न जिलामे लोकभाषाके रुपमे हजारो बरिससे अस्तित्वमे रहल बज्जिका भाषामे पिएचडि करेबालाके संख्या दिनपर दिन बढते जारहल हए । सन् १९७०के आसपासमे बिहारके गोपालगंज जिलाके गोपेश्वर कलेज हथुआके प्रोफेसर डा. श्रीरंग शाही बज्जिका भाषापर पहिलबेर पिएचडि


    बज्जिकामे पिएचडि करेबालाके संख्या बढल - 2015-09-27

    भारत आ नेपालके विभिन्न जिलामे लोकभाषाके रुपमे हजारो बरिससे अस्तित्वमे रहल बज्जिका भाषामे पिएचडि करेबालाके संख्या दिनपर दिन बढते जारहल हए । सन् १९७०के आसपासमे बिहारके गोपालगंज जिलाके गोपेश्वर कलेज हथुआके प्रोफेसर डा. श्रीरंग शाही बज्जिका भाषापर पहिलबेर पिएचडि


    त्याग और समर्पणके त्योहार ईद—उल—अजहा मानवल जारहल - 2015-09-25

    ईद—उल—अजहा या ईदे—अजहा मुस्लिम भाइयोके एगो महत्वपूर्ण त्योहार हए । ईद तीन तरहके होईअ । ईद—अजहाके अलावा दुगो और ईद हए— ईदुलफित्र या रमजान ईद और दोसर ईदके मिलादुन्नबी कहइअ । पर ईदुल फित्र होए, ईद अजहा या ईद मिलाद, तीनु ईद भाइचारा, त्याग, समर्पण और इंसानियतके पैगाम देईआ ।


    समाप्त होएके अवस्थामे, धार्मिक एवम् पर्यटकीय पहिचान - 2015-08-14

    जिल्लाके सदरमुकाम गौर स्थित बरहवा ताल क्षेत्र, सिवनगर शिव मन्दीर, राजदेवमे रहल राजदेवीमन्दीर, महादेपटी शिव मन्दीर, बागमति नदी किनारमे रहल

बज्जिका वाणी

2072-08-08
2070-01-22 .pdf

बिकाश चौतारी

BC 2073-05-06
BC 2073-05-06
BC 2073-04-31
2072-08-28

जिल्ला प्रहरी का. - ५२००९९
जिल्ला प्रहरी का. - ५२०१७७
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