मनोरञ्जन/साहित्य




  • गीत



    विश्वराज अधिकारी

    आँखमे तोहर चमक देख हिया जुडागेल

    बुझल दिया जरगेल इँजोर चारुओर भेल


    लोर तोहर आँखके भिजे हमर गाल

    बेचैन मन पुछे तब एक लाख सबाल


    बोला कुछ भनभर बोला लेकिन नरहा चुप 

    उदास तोहर चेहरा बने हमर सय बोझा दुख


    मुहसे बोला चाहे आँखसे लेकिन खोलदा समुचा मन

    हँसा एतना कि हँसीके दाहरमे दहाए समुचा हमर तन 

    हाल ः अमेरिका






  • बाहुबली २ के देखेला रौतहटके दुनु हलमे दर्शकके उमडल भीड - 2017-04-30

    बितलशुक्रबारके रिलिज भेल बाहुबलीहिन्दीफिलिमके देखेला रौतहटके दुनु सिनेमाहलमे दर्शकके भीड उमडल हए । रौतहटके चन्द्रपुरमे रहलब्रोसिस हलआ सदरमुकामगौरमे रहलशान्ताहलमे दर्शकके भीड अत्यधिक देखलजारहलहए । फिलिमहलमे आबेसे पहिले ही


    खुसीके दाहरमे उपलाएल पीडा - 2015-12-13

    कठिन साधनासे श्रमके, वर्षात भेल पसेना पसेनाके बून बूनमे हमर मेहनतके रङ रहे विज्ञान झूठ कहलई – पानीके रङ नहोअलई


    हमरा खवरमे रहनाई पसन्द हए :- आलिया - 2015-12-01

    “शानदार” फिलीमसे एक साल बाद बालीवुडमे वापस कररहल आलिया भट्ट मानईअ की उनका खÞबरमे बनल रहनाई पसन्द हए । बीबीसीसे खास बातचीतमे आलिया कहलन, “अगर कुछ दिनतक हमर लिंकअपके खÞबर न आएल त हमरा चिन्ता होए लागइअ । बातके सोझयवईत आलिया आगे कहलन


    गीत - 2015-09-29




    बज्जिकार्पण प्रकाशित - 2015-09-27

    नेपालीय बज्जिका भाषाके पहिल पत्रिका बज्जिकार्पण साहित्यिक त्रैमासिकके चौदहमा अंक प्रकाशित भेल हए । बैसाख–आसिन कहके निकाललगेल बज्जिकार्पणमे नेपाल आ भारतके करिब दू दर्जन साहित्यकारके रचना प्रकाशित हए । नेपालीय बज्जिकाके प्रगतिके जीवित गबाही बनल बज्जिकार्पण


    रामायणके लेखक डा. अरुणके कृतिके लोकार्पण - 2015-09-27

    भारतके विश्वप्रसिद्ध साहित्यकार प्रा. डा. अवधेश्वर अरुणके नयां कृतिके नेपाली टोलीद्वारा लोकार्पण कएलगेल हए । बज्जिका भाषामे रामायणके समेत लेखक रहल विशिष्ट साहित्यकार डा. अरुणके नयां काव्यकृति गन्डकमे उठल हिलोरके बज्जिका यात्रापर गेल नेपाली टोलीद्वारा लोकार्पण कएलगेल हए ।


    अब ऋतिक बेचि कपड़ा - 2015-09-11

    अभिनेता ऋतिक रोशन टाइगर श्रौफ्रके अपन कपड़ाके रेन्जके ब्रांड एम्बैसडर बनएले हए । ऋतिक बुधवार रात ट्वीट करके ई जानकारी देले हए की टाइगर श्रौफ्रÞ उनकर क्लोदिंग ब्रांड “एच आर ऐक्स” के एंबैसडर बनिहन,


    अभावके लाइन - 2015-09-02

    हमर जीवन रास्ताके कातमे ही ठकुआएल खडा हए आ, लाइन लागके हमराओर


    दू गजल - 2015-09-02

    हमर साथ मिलके चले भी न सकला । अउर हमरे बिना तू रहे भी न सकला ।। ई सच हय कि हमरे मुहब्बतके कारण ।

बज्जिका वाणी

2072-08-08
2070-01-22 .pdf

बिकाश चौतारी

BC 2073-05-06
BC 2073-05-06
BC 2073-04-31
2072-08-28

जिल्ला प्रहरी का. - ५२००९९
जिल्ला प्रहरी का. - ५२०१७७
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