एजेन्सी , साओन २० । पुलवामा आक्रमणके बाद भारत प्रशासित कश्मिरमे सरकार कडा नीति लेके कारवाही करेवाल भेल हए । पुलवामा अक्रमणमे कश्मिरीके जवान के मिल्ल देखलाके बाद सरकार कश्मिरमे कडा कर रहल हए जौनाके कारण उ क्षेत्रमे रोजके भिडन्त होइत आरहल हए । चरमपंथी समूहके लेके भारत कडा नीति अबलम्बन करइत कश्मिरके स्थिती तनावग्रस्त बनइत हए । जादा करके कश्मिरके नेता आ धार्मिक गुरुसब पाकिस्तानसे मिल्ल सरकार आरोप लगावइत आरहल हए । यहिे क्रममे उहवाके बहुत नेतासबके नजरबन्दमे राखल हउ । सोमारके दिन सबेरे से हुन लोगके नजरबन्दमे राखल गेल हए । एहवाके सथानयि प्रशासनसब कश्मिरमे सतर्कता बढावइत प्रभावशाली नेतासबके हुनकरे घरमे नजरबन्दमे राखले हए । नजरबन्दमे परेवाला नेशनल कन्फ्रेन्सके नेता तथा पूर्व मुख्यमन्त्री उमर अब्दुल्ला,पडिीपी अध्यक्ष तथा मुख्यमन्त्री महबुबा मुफती,जम्मु कशमीर पिपल्स कन्फ्रेन्सके अधयक्ष सज्जाद लोन रहल छत । सम्भावति असुरक्षके मध्यनजर करइत सर्वसाभारणसबके चलेमे रोक लगावल गेल हए । विषेशकरके श्रीनगरमामा सर्वसाधारणके घुमफिर करेमे रोक लगएले हए । साथे सब शैक्षिक संस्थासब बन्द कएले हए आ मोबाईल आ इन्टरनेट सेवा भि बन्द कएल गेल हए । यही पूर्व मुख्यमन्त्री अमर अब्दुल्ला सर्वसाधारणसब संयमता अपनावेके आह्वान कएले हए । पूर्व मुख्यमन्त्री मुफती भि नजरबन्दमे रहलासे आपती जनएले हए । हुन भारत सरकारके अइसन व्यवहार करेके कश्मिरके मुद्दाके कमजोर आ दबाबेके खाजरह आरोप लगएले छत । बश्मिरमे सुरक्ष व्यवस्था कडा हालाके बाद पाकिसतान भि अपना क्षेत्रमे सुरक्षा बनएले हए ।कश्मिरके अवसथाके मध्यनजर करइत एतावरके दिन बइठल नेशनल सैक्युरिटि कमिटिके बैठकसे भारतयि सेनासे हाएवाला कौनो भि प्रकारके आक्रमाण आ दुस्साहसके जवाफ शस्सत्र दंगसे देवे निर्णय कएल गेल हए । पकिस्तान कश्मिरके स्थायी शान्ति भारत बिथोल्न खोजेके आरोप लगउले हए ।

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