सञ्जय साह मित्र
आदमी आ मालजालमे कथिके फरक हई पुछलगेलापर कौनो आसानीसे जबाब देसकले कि आदमीमे बुद्धि होअलई आ मालजालमे नहोअलई । आदमी बुद्धिके सिर्जनात्मक प्रयोग करसकले आ पशुमे अइसन क्षमता नहोअलई । एहीसे आदमी पशुसे बहुत लमहर प्राणी हई । ई पृथ्वीपर आदमीसे बढके कौनो नहई काहेकि आदमीमे बुद्धि होएलासे ई सभी जीवजन्तुउपर अप्पन आधिपत्य स्थापित करचुकल हए । एहीसे आदमी संसारमे सबसे शक्तिशाली प्राणी मानल जाइछई । आदमीके सर्वश्रेष्ठ प्राणी भी एही कारणसे कहल जालई । वास्तवमे देखल जाए त आदमीसे लमहर कौनो प्राणी शरीरके आकारमे होसकले माकिर एकरापर नियन्त्रणके दृष्टिसे कौनो जीव अभीतक अस्तित्वमे नहए ।
आदमी सबसे अमूल्य जीवन हई मगर एकर मोलके बुझेबाला केतना लोग हई ? बहुत लोगमे देखम त सामान्यरूपसे एकेगो चीझ मिलइअ कि सभे एकेलेखिन हई जइसे जलम लेबेके, सग्यान होखेके, शादी–बिआह करेके, बालबच्चा जल्माबेके, घरदुआर बनाबेके आदि । एही चीझके तइका गहिराइसे देखलापर अइसन त सभी जीव करले । कुत्ताके बच्चाके पकड़े जाएम त पिलिन धुरुकबे करले, साँपके बच्चाके पकड़म त ओकर मतारी काटबे करी । सभी जीवन अपना बच्चाके उपर दाह करइअ, अपना बच्चाके निम्मनसे राखे चाहइअ आ घरदुआर बनाबेके प्रकृति हमनी चिरइचुनमुनमे भी देखइछी । अपना लेल आ अपना बालबच्चाके लेल जब सभी जीवजनावर करइछई त हमनी आदमी ओ सऽसे कथिके महान ? कथिमे लमहर ? काहे श्रेष्ठ ? कि आदमी भी साधारण प्राणी हई आ कौनो हिसाबसे दोसरा जीवजनावरसे श्रेष्ठ नहई ?
जी न । आदमी सर्वश्रेष्ठ प्राणी हई आ एकरामे सबसे लमहर गुण ई हई कि दोसरासे बहुत फरक हई । हर आदमी एक दोसरासे फरक हई अलगअलग किसिमके प्रतिभा सभीमे रहलई । इहे प्रतिभाके चिन्हेबाला व्यक्ति अपना क्षेत्रके विशिष्ट आदमी बनजाले आ निरन्तरतासे ऐतिहासिक आदमी बनजाले । आदमीके भित्तर रहल प्रतिभाके अपनेसे चिन्हनाइ जरुरी होअले । जे अपना भित्तरके अपनाके चिन्हजाई आ ओकरामोताबिक चलेके प्रयास करी उहे आदमी विशिष्ट बनजाई । अइसन देखल गेल हए कि समाजके विभिन्न क्षेत्रमे अपनाके पहिचान कराबेमे सक्षम लोग अपना खूबीके खूब चिन्हले रहले ।
सचिन तेन्दुलकर, साहरुख खान आ राहुल सांकृत्यायन अपना प्रतिभाके चिन्हके कुछ करेके चाहलन् त बहुतकुछ होगेल । समाजसेवाके अनेक क्षेत्रके लोग अपनाके एहिना स्थापित कएले छत । एही क्रममे रौतहट जिलाके भी चिन्हाबेमे आ अपना तरफसे समाजके विविध क्षेत्रमे योगदान देबेमे जे लोग अगाडि बढलछत, हुनका केना हमनी चिन्ह सकइछी । जीवितमे त बहुत विवाद होसकले, चाहे जीवित लोगके त इआद कएल जासकले मगर जे हमनीसे गुजरगेल छथिन् आ अपना जिलाके विकासके विविध क्षेत्रमे अइसन काम कएले छथिन जे सामान्यलोग करे नसकलछत, ओ लोगके हमनी केना समेट सकइछी ? ए विषयपर भी तनिका सोचनाइ जरुरी हए ।
कौनो अपना आ अपना घरपरिवारके स्वार्थके लेल निरन्तर मररहल हए, दोसराके घेंट काटरहल हए आ कौनो समाजके सेवामे जीवन बितादेरहल हए । ई दुुनु प्रकारके आदमीमे बहुत भिन्नता हए । जे समाजके लेल काम करइत जिलाके नाओके अगाडि बढाबेमे बहुत योगदान देलन, ऊलोग जे अपनासे जेतना सकलन् समाजके अगाडि बढाबेमे योगदान देलन – ऐतिहासिक पुरुष भेलन् । अइसन लोगके सम्मान करेके चाहिँ । जे समाजके विविध क्षेत्रमे योगदान देइत हुनका योगदानसे हजारो–लाखो लोग लाभान्वित होरहल हई, ऊ ऐतिहासिक लोगके सम्मान कएलासे हमनीके इज्जत ही बढत आ समाजके नयाँ पुस्ताके भी सकारात्मक कामके लेल अगाडि बढेमे प्रेरणा मिलतई । रौतहट जिलाके शिक्षा, साहित्य, संस्कृति, भाषा, दर्शन, समाजसेवा, चिकित्सा, राजनीतिजइसन क्षेत्रके विशिष्ट लोगके खोजी करनाइ जरुरी हए । हमनी खाली विदेशके लमहर लोगके जीवनी पढेके आ गुनगान करेसे अच्छा ई होई कि अपना जिलाके विशिष्ट लोगके खोजी कऽके हुनकर योगदानके सार्वजनिक कएल जाए । हम ई आग्रह करम कि जदि अपना गाँओ चाहे टोलामे अइसन कौनो ऐतिहासिक व्यक्तित्व छथिन् त हुनका विषयपर तथ्यसब सार्वजनिक कएलजाओ । चाहे हमरा अइसन जानकारी उपलब्ध कराबल जाओ ताकि हुनका विषयमे कुछ चर्चा करेके परेआस कएल जाए ।
खोजी कएलासे रौतहटमे अइसन बहुत लोग मिलिहन् जे अपना आ पारिवारिक जीवनसे उपर उठके समाज आ देशके साथे विदेशमे अभी अपना कीतिके स्थापित कएले होइहन् । अइसन ऐतिहासिक लोगके खोजीमे अपना तरफसे हरकोई योगदान देऽके आबेबाला पुस्ताके लेल अपने जिलासे प्रेरणाके स्रोत तैयार करू । (mitrasanjay41@gmail.com)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here