लेखक ः राजा हुसेन

प्रदेश २ के बारा जिल्लाके निजगढमे प्रस्तावित अनर्तराष्ट्रिय विमानस्थल बनेके चाहि कि नबनेके चाहि यी विषयमे विवाद चलइतके समयमे प्रदेश २ सरकार गाछीस कौनो हालतमे नकाटे देवेके प्रतिक्रिया देलन । यी प्रतिक्रियाके कौनो साकारात्मक रुपमे लेलक त कौनो नाकारत्मक रुपमे लेलक । खासमे कहलजाएत विद्ध , संस्थासब गाछी काटेनदेलापर प्रदेश २ के प्रतिक्रियाके स्वागत कएलक त कौनो विकास प्रेमी राजनितिक आरोप प्रयारोप लगएलक । खासमे कहल जाएत यी विषयमे दुनुतर्फके तर्क तार्किकके देखल जारहल हए । हमरा विचरमे निजगढ विमानस्थल बनेके चाहि । लेकिन बनेके चाहि कहलामे लाखो गाछी काटके स्वचछ वातावरणके विनाश कौनो भि कारण बश नहोएके चहि । हमनी के अपन ईतिहास नभुलेके चाहि । २०७६ सालके यी गर्मीके महिनामे रौतहट , बारा , पर्सा लगायत प्रदेश २ मे ४१ आ ४२ डिग्रि तापक्रम आ गर्मि । हमनीके सोचेके चाहि । जब एतना जंगल आ गाछी हए त यी हालत बा अगर लाखो गाछी कटाए लागी त कौन हालत होई । ओइसहि हमनीके २०७६ सालके दाहर भि नभुलु । २०७६ सालके दाहरमे दर्जनो ब्यक्ति ज्यान गमावेके परल आ करोडो धनमाल नोकसानी सहेके परल । यी घटना हमनिके फेन सोचेमे बाध्यबनएले हए । प्रदेश २ मे एतना जंगल हए त यी हालतबा अगर लाखो गाछी कट्टा जाई त प्रदेश २ के कौन हालत होई । अइसन समस्या अएलासे कि विकास करेके चाहि ? विकास करु लेकिन विकास परसपर होएके चाहि । सरकार विमानस्थल अगर बनावेके लेल १ या २ वर्ष पहिले हि १० गुना जादा बृक्षारोपन करेके चाहि । अगर सरकार १ लाख गाछी काटेके योजनामे हए त सरकारके १ करोड विरुवा रोपेके योजना कार्यन्वयनमे ल्यावेके परि । १ लाख गाछीके दाम सरकारी भावमे २ अरब बराबर होखले । जवनासे १ करोड विरुवा उहे पैसासे होजाइ । एमे सरकारके कौनो अपन निजी लगानी भि नकरेके परि । ओही कारण प्रस्तावित निजगढ विमानस्थल बनेके चाहि लेकिन बनेसे पहिले सरकारके कमसकम १ करोड विरुवा रोपेके परि । सरकार विभिन्न जगहपर विकासके नाममे गाछी काटलक आ बृक्षरोपन करम लेकिन नभेल । ओहिकारण सरकारके उपर विश्वास नहए । ओहिसे सरकार पहिला बृक्षरोपन करु ओकरा बाद गाछी काटु । प्रस्तावित निजगढ विमानस्थल बनलासे प्रदेश २ मे विकासके लहरके साथसाथे आय स्रोतमे भि वृद्धि होई । अइसन बहुत फाइदा रहल हए । जौन फाईदा आग्रह आ पुर्वाग्रह समेत हए । लेकिन हमनीके साकारात्मक रुपमे सोचेके चाहि , क). प्रस्तावित निजगढ विमानस्थल बनलासे प्रदेश २ मे विकासके लहर आवेके साथे आय स्रोतमे वृद्धि होई ख). १०० से जादा देशसे नाका जुटी ग). एसियाके सबसे बडा विमानस्थल रहि । जौन मधेशके गौरवके विषय बनजाई । घ). त्रिभुवन विमानस्थलके भार कम । ङ). पर्यटक स्थल होलासे पर्यटक अएलासे आय स्रोत बढी । च). रोजगारके सृजना होइ । छ). मधेश वासीसब विदेश जाएला भारा खर्च करके काठमाडौ जाएके नपरि । ज). मधेशी वासीसब काठमाडौमे ठगाएसे बचि । भ्m). काठमाडौसे प्रत्यक्ष समन्ध जुटी । अइसन अनगिन्त फाइदासब रहल हए । यी लेखकके व्यक्तिगत विचार हए ।

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